
श्रम न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर लगाया अर्थदण्ड, जिंदल पावर पर सर्वाधिक 1 लाख की कार्रवाई
रायगढ़ । औद्योगिक जिले रायगढ़ में कारखानों और निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही अब संबंधित प्रतिष्ठानों पर भारी पड़ रही है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद श्रम न्यायालय रायगढ़ ने जुलाई 2026 में छह औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा एवं श्रम कानूनों के उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए कुल 2 लाख 83 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा जिले के कारखानों एवं निर्माण स्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर उन्हें श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इन छह प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना
श्रम न्यायालय द्वारा जुलाई माह में दोष सिद्ध होने के बाद जिन प्रतिष्ठानों पर अर्थदण्ड लगाया गया, उनमें—
मेसर्स रायगढ़ इस्पात एण्ड पावर प्रा.लि., यूनिट-2 — ₹8,000
मेसर्स के.एल. एनर्जी एण्ड कोल बेनिफिकेशन प्रा.लि. — ₹25,000
मेसर्स सांई राम राईस मिल — ₹50,000
मेसर्स श्री रूपणाधाम स्टील प्रा.लि. — ₹50,000
मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड — ₹1,00,000
मेसर्स सुनील स्पंज प्रा.लि. (रायगढ़ डिवीजन) — ₹50,000
इस तरह इन छह मामलों में कुल ₹2.83 लाख का अर्थदण्ड लगाया गया है। इनमें जिंदल पावर लिमिटेड पर सर्वाधिक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इन कानूनों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
विभाग के अनुसार ये प्रकरण कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962, तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 1996 एवं संबंधित छत्तीसगढ़ नियम 2008 के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़े हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक एवं निर्माण इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा कारखानों और निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन की निगरानी की जा रही है। विभाग ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन से श्रम एवं सुरक्षा कानूनों का पालन सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की है।


