
दो बार में ₹6100 की ठगी, जूटमिल पुलिस ने CCTV और तकनीकी जांच से 19 वर्षीय युवक को दबोचा
रायगढ़। पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन भुगतान का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगी करने वाले 19 वर्षीय युवक को जूटमिल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पेट्रोल भरवाने के बाद मोबाइल पर QR भुगतान का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाता और बिना रकम चुकाए कार लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मारुति सुजुकी बलेनो कार भी जब्त की है।
मामला दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का है। पंप संचालक अमित कुमार गुप्ता ने 31 जुलाई को जूटमिल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने दो बार पेट्रोल भरवाकर फर्जी ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाया।
पहली घटना 7 जून की रात करीब 10:24 बजे हुई, जब आरोपी ने ₹2500 का पेट्रोल भरवाया। इसके बाद 25 जुलाई की रात करीब 12:09 बजे उसने दोबारा ₹3600 का पेट्रोल भरवाया। दोनों बार मोबाइल में भुगतान होने का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर वह तेजी से कार लेकर फरार हो गया। इस तरह पेट्रोल पंप को कुल ₹6100 की आर्थिक क्षति हुई।
मामला दर्ज होने के बाद जूटमिल पुलिस ने घटनास्थल और आने-जाने वाले मार्गों के CCTV फुटेज खंगाले। झलमला टोल प्लाजा सहित अन्य स्थानों के फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को कार की पहचान में मदद करने वाले कई अहम सुराग मिले।
पुलिस के मुताबिक कार की आगे-पीछे की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी थी। इसके अलावा बाएं तरफ काले रंग का मिरर कवर, दाहिनी ओर सफेद-काले रंग का मिरर कवर तथा डिक्की के पास क्षतिग्रस्त प्लास्टिक की मरम्मत का निशान था। इन्हीं विशिष्ट पहचान चिन्हों के आधार पर पुलिस ने CG-13-AQ-2394 को चिन्हित किया।
वाहन की शिनाख्त पेट्रोल पंप कर्मचारियों से कराने के बाद पुलिस ने चालक और वाहन मालिक से पूछताछ की। पूछताछ में मयंक शर्मा (19), निवासी बावलीकुआं, रायगढ़ ने दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलेनो कार और उसके दस्तावेज जब्त किए गए। मामले में पहले दर्ज धारा 318(2) बीएनएस के साथ धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर धारा 318(4) बीएनएस भी जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपी को 6 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
CCTV बना ‘फर्जी पेमेंट’ का राज खोलने का जरिया
पुलिस की तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के सूक्ष्म विश्लेषण ने आरोपी की उस चाल का पर्दाफाश कर दिया, जिसमें वह नंबर प्लेट छिपाकर पेट्रोल पंप पहुंचता और फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर बिना रकम दिए निकल जाता था।


