जिसे सौंपा बैंक का भरोसा, उसी ने छह साल में उड़ा दिए 47 लाख

सेवानिवृत्त शिक्षक के खाते से ऑनलाइन ट्रांसफर होती रही रकम, आरोपी परिचित गिरफ्तार

ऑनलाइन गेमिंग में रकम गंवाने का खुलासा

रायगढ़। भरोसेमंद बनकर बैंक के काम में मदद करने वाला परिचित ही छह साल तक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते को खंगालता रहा। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम कांटाहरदी निवासी 64 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक रघुनाथ सिदार के खाते से जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच 47 लाख 5 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में शिक्षक के परिचित छत्रपाल सिदार (34), निवासी कांटाहरदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार छत्रपाल लंबे समय से रघुनाथ सिदार के संपर्क में था और बैंक संबंधी काम में उनकी मदद करता था। वह चेकबुक के जरिए रकम निकलवाने के लिए उनके साथ बैंक भी जाता था। धीरे-धीरे उसने ऐसा विश्वास कायम कर लिया कि उसका शिक्षक के घर आना-जाना भी होने लगा। बताया गया कि आरोपी शिक्षक के मोबाइल का भी इस्तेमाल करता था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब सेवानिवृत्ति के बाद खाते में जमा जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अवकाश समर्पण सहित अन्य देय राशि से मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से रघुनाथ बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखते ही उनके होश उड़ गए। खाते से कई वर्षों के दौरान ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जा चुके थे। शिकायत के बाद कोतरारोड़ पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के दौरान छत्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने रकम को अपने एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक के खातों में ट्रांसफर करना स्वीकार किया।

ऑनलाइन गेमिंग में गंवाई रकम

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि खाते से ट्रांसफर की गई रकम को उसने ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिया। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। अब पुलिस विभिन्न खातों में हुए लेन-देन और रकम के इस्तेमाल की आगे जांच कर रही है। कार्रवाई एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में की गई।

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